by Sheila Rogers DeMare | मार्च 26, 2019 | Front Page, Front Page – Blog, Spiritual Growth, Spiritual Growth – Blog
बास्केटबॉल कौशल को ध्यानाभ्यास में इस्तेमाल करना संत राजिन्दर सिंह जी महाराज जहाँ अधिकतर उत्तरी अमेरिका इस महीने “मार्च मैडनस” नामक कॉलेज खेल प्रतियोगिता का आनंद लेता है, वहीं आइए हम देखें कि ध्यानाभ्यास और बास्केटबॉल में कौन-कौन सी बातें एक समान हैं। बास्केटबॉल में...
by sosadmin | जनवरी 31, 2019 | Front Page, Front Page – Blog, Spiritual Growth, Spiritual Growth – Blog
हमेशा अपनी ओर से बेहतर से बेहतर करिए संत राजिन्दर सिंह जी महाराज जीवन में ऐसा समय भी आता है जब अपनी ओर से बेहतरीन प्रयास करने पर भी हम परिणाम से संतुष्ट नहीं होते, या जब हमारे प्रयास उन लोगों के द्वारा ही सराहे नहीं जाते जिनकी हम सहायता करने की कोशिश कर रहे होते हैं।...
by sosadmin | जनवरी 31, 2019 | Front Page, Front Page – Blog, Spiritual Growth, Spiritual Growth – Blog
लगावों को त्यागना संत राजिन्दर सिंह जी महाराज बाहरी संसार में लिप्त हो जाना स्वाभाविक ही है। इस लेख में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज समझा रहे हैं कि अगर हम अपना पूरा ध्यान इसी दिशा में लगा देंगे, तो हम उस सारी सुंदरता से वंचित रह जायेंगे जो प्रभु की ओर से हमारे...
by sosadmin | जनवरी 31, 2019 | Front Page, Front Page – Blog, Spiritual Growth, Spiritual Growth – Blog
सभी चीज़ों में कुछ न कुछ अच्छा ढूंढ लीजिए संत राजिन्दर सिंह जी महाराज हम अक्सर एक आधे-भरे गिलास को आधा-भरा हुआ नहीं, बल्कि आधा-खाली की नज़र से देखते हैं। किसी भी स्थिति को देखते समय, ज़्यादातर लोग उसके अच्छे पहलू के बजाय उसके बुरे पहलू की ओर ही देखते हैं। लेकिन, यदि हम...
by Sheila Rogers DeMare | दिसम्बर 10, 2018 | Front Page – Featured Item, Spiritual Growth, Spiritual Growth – Blog
मानवता के द्वारा जवाबों की खोज वैज्ञानिक तलाश अपने स्रोत की हमारी तलाश को, इस भौतिक सृष्टि के हमारे अनुसंधानों और अन्वेषणों में देखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, बटाविया, इलिनोई, की एक बड़ी प्रयोगशाला में वैज्ञानिक पृथ्वी की गहराई में बनाए गए एक विशालकाय गोलाकार चैम्बर...
by Sheila Rogers DeMare | दिसम्बर 5, 2018 | Front Page – Blog, Spiritual Growth, Spiritual Growth – Blog
आत्मा बिना शर्त सबसे प्रेम करती है संत राजिन्दर सिंह जी महाराज आत्मा बिना शर्त प्रेम करती है। वो कोई भेदभाव, कोई पक्षपात, और कोई अलगाव नहीं जानती। प्रभु हमारी आत्मा से बिना शर्त प्रेम करते हैं। बदले में हम भी उस प्रेम को प्रतिबिंबित कर सकते हैं, और अपने मिलने वालों...